देख हारी हुई जीत मे भी खूब ठहाके मारे हैं
सुनी है गर्जन संसद मे,सब तेरे हीं सितारे हैं।
क्ई सालों तक बाधा-विघ्नों को चरण लपेटे
तन् मन अर्पण था,दिखी सहजता मुख समेटे।
मन की बात,कवि ह्रदय अक्सर जुबां तक लाते
हित मित के खेल त्याग,बस राष्ट्र सूत्र अपनाते।
घिरे कभी जो कस्मकश मे,जब नीति बनानी हो
बात की है विरोधी से जब सहमती अपनानी हो।
आरोप-प्रत्यारोप से दूर खड़े की है राजनिति
मिली ताकत देश को जब बनाई विदेश निति।
शांतिप्रिय है ये देश पर पोखरण तो होना हीं था
संसद हमला या कारगिल,क्रोध तो होना हीं था।
चतुर्भुज सडक की या बात करें ग्राम सडक की
फसल बीमा भी जरूरी था,ये निश्चय अटल की।
जनता दल या हिंदू महासभा,या जनता पार्टी
सबके दिलों पर राज किये,मिली समता पार्टी।
बात अयोद्धया मंदिर की या आपातकाल की
कर्मयोगी डटे रहे,जैसे चमक प्रातःकाल की।
एक युग का अंत पर हर घर अटल कहानी है
बच्चे,बूढ़े या युवा हिंद,हर किसी जूबानी है।
सुनी है गर्जन संसद मे,सब तेरे हीं सितारे हैं।
क्ई सालों तक बाधा-विघ्नों को चरण लपेटे
तन् मन अर्पण था,दिखी सहजता मुख समेटे।
मन की बात,कवि ह्रदय अक्सर जुबां तक लाते
हित मित के खेल त्याग,बस राष्ट्र सूत्र अपनाते।
घिरे कभी जो कस्मकश मे,जब नीति बनानी हो
बात की है विरोधी से जब सहमती अपनानी हो।
आरोप-प्रत्यारोप से दूर खड़े की है राजनिति
मिली ताकत देश को जब बनाई विदेश निति।
शांतिप्रिय है ये देश पर पोखरण तो होना हीं था
संसद हमला या कारगिल,क्रोध तो होना हीं था।
चतुर्भुज सडक की या बात करें ग्राम सडक की
फसल बीमा भी जरूरी था,ये निश्चय अटल की।
जनता दल या हिंदू महासभा,या जनता पार्टी
सबके दिलों पर राज किये,मिली समता पार्टी।
बात अयोद्धया मंदिर की या आपातकाल की
कर्मयोगी डटे रहे,जैसे चमक प्रातःकाल की।
एक युग का अंत पर हर घर अटल कहानी है
बच्चे,बूढ़े या युवा हिंद,हर किसी जूबानी है।
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